रमजान हा इस्लामिक कॅलेंडरमधील 9 वा महिना असतो. या पूर्ण महिन्यात सलग 30 दिवस उपवास म्हणजेच 'रोजा' ठेवला जातो. रोजाची सुरुवात पहाटे 'सहरी'ने (सूर्योदयापूर्वीचे अन्न) होते आणि संध्याकाळी सूर्यास्त झाल्यावर 'इफ्तार'ने रोजा सोडला जातो. या काळात दिवसातून पाच वेळा नमाज पठण करणे आणि रात्री विशेष 'तरावीह' नमाज अदा करणे अत्यंत महत्त्वाचे मानले जाते. या पवित्र महिन्यात केवळ उपवासच नाही, तर अल्लाची इबादत, दुआ आणि गरीब-गरजू लोकांना मदत (झकात आणि फितरा) करण्याला विशेष महत्त्व दिले जाते. या महिन्यात केलेल्या चांगल्या कर्मांचे पुण्य 70 पटीने वाढते, अशी धार्मिक श्रद्धा आहे.
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नवी दिल्लीनुसार रोजा सेहरी आणि इफ्तार वेळापत्रक -
| रोजा | तारीख | सेहरी | इफ्तार |
|---|---|---|---|
| 01 | 19 February 2026 | 05:37 AM | 06:14 PM |
| 02 | 20 February 2026 | 05:36 AM | 06:15 PM |
| 03 | 21 February 2026 | 05:35 AM | 06:15 PM |
| 04 | 22 February 2026 | 05:35 AM | 06:16 PM |
| 05 | 23 February 2026 | 05:34 AM | 06:17 PM |
| 06 | 24 February 2026 | 05:33 AM | 06:17 PM |
| 07 | 25 February 2026 | 05:32 AM | 06:18 PM |
| 08 | 26 February 2026 | 05:31 AM | 06:19 PM |
| 09 | 27 February 2026 | 05:30 AM | 06:19 PM |
| 10 | 28 February 2026 | 05:29 AM | 06:20 PM |
| 11 | 01 March 2026 | 05:28 AM | 06:21 PM |
| 12 | 02 March 2026 | 05:27 AM | 06:21 PM |
| 13 | 03 March 2026 | 05:26 AM | 06:22 PM |
| 14 | 04 March 2026 | 05:25 AM | 06:23 PM |
| 15 | 05 March 2026 | 05:24 AM | 06:23 PM |
| 16 | 06 March 2026 | 05:23 AM | 06:24 PM |
| 17 | 07 March 2026 | 05:22 AM | 06:24 PM |
| 18 | 08 March 2026 | 05:21 AM | 06:25 PM |
| 19 | 09 March 2026 | 05:20 AM | 06:26 PM |
| 20 | 10 March 2026 | 05:19 AM | 06:26 PM |
| 21 | 11 March 2026 | 05:17 AM | 06:27 PM |
| 22 | 12 March 2026 | 05:16 AM | 06:27 PM |
| 23 | 13 March 2026 | 05:15 AM | 06:28 PM |
| 24 | 14 March 2026 | 05:14 AM | 06:29 PM |
| 25 | 15 March 2026 | 05:13 AM | 06:29 PM |
| 26 | 16 March 2026 | 05:12 AM | 06:30 PM |
| 27 | 17 March 2026 | 05:10 AM | 06:30 PM |
| 28 | 18 March 2026 | 05:09 AM | 06:31 PM |
| 29 | 19 March 2026 | 05:08 AM | 06:32 PM |
रोजाचे महत्त्व आणि इतिहास -
इस्लामिक मान्यतेनुसार, पवित्र ग्रंथ 'कुराण'चे पहिले अवतरण (वही) रमजानच्या याच महिन्यात झाले होते. सौदी अरेबियातील मक्का शहराच्या जवळ असलेल्या 'गार-ए-हिरा' (हिरा गुहा) येथे हा ईश्वरीय संदेश प्राप्त झाला होता. याच कारणामुळे रमजानला 'शहर-ए-कुराण' (कुराणचा महिना) असेही म्हटले जाते.
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इस्लाममध्ये रोजा ठेवणे हे हिजरतच्या दुसऱ्या वर्षी (साधारण इसवी सन 624) अनिवार्य (फर्ज) करण्यात आले. हा आदेश मदिनामध्ये देण्यात आला होता. इस्लामच्या पाच प्रमुख स्तंभांपैकी (कलमा, नमाज, रोजा, झकात आणि हज) रोजा हा एक अत्यंत महत्त्वाचा स्तंभ मानला जातो.
